एडवेंचर ऑफ़ करुण नायर – रहस्य ब्लादिमीर का पार्ट 1

              अध्याय – 1 ब्लादिमीर से मुलाकात 


12 जून 1972, 

चांदनी चौक. दिल्ली

सुबह का समय है, करुण अपने आँगन में अपनी आराम कुर्सी पर बैठा हुआ है। आँगन के पीपल के पेड़ पर ढेरो पक्षी है। नन्ही गिलहरियों की उछल कूद चल रही है। आसमान बिलकुल साफ़ है। हलकी धुप पड़ रही है। घर के बाहर से रिक्शो वालो की आवाजे और उन आवाजों में गूंजती कोयल की मधुर आवाज सामने वाली कुर्सी पर माया और सुजान बैठे हुए है। सभी एक शांत वातावरण को जन्म दे रहे है। शायद कोई इस चुप्पी को तोडना नहीं चाहता है। तभी सुजान अपनी उत्सुकता को को रोक नहीं पाता और पूछ ही लेता है। 

आखिर ये ब्लादमीर कौन है? सुजान ने चौंकते हुए पूछा

ब्लादमीर एक शैतान के आलावा कोई नहीं है उसने ना जाने कितने देशो की सत्ता पलट किया है वो भी अकेले दम पर कितनो को मार गिराया वह जिसके पीछे पड़ जाये समझलो उसके पीछे काल पड़ गया हो! माया ने जबाब दिया

खैर ब्लादिमीर की खासियत क्या है? करुण ने एक मुस्कान के साथ पूछा

ब्लादिमीर एक भर्म बनाने और छलावे में माहिर है उसने इस पूरी दुनिया में अपने नाम के कई भर्म पैदा कर रखे है साथ ही छलावे से तो वो मृत्यु से भी जीत गया है? माया ने एक उत्सुकता से जबाब दिया

छलावा सिर्फ उन लोगो को धोखा दे सकता है जो तार्किक आँखों से चीज़ो को नहीं देखते है! करुण ने मुस्कराते हुए जबाब दिया। 

तभी एक डाकिया एक पार्सल लेकर आता है और अजीब नजरो से सबको देखते हुए पूछता है। 

यंहा करुण नायर कौन है?

जी मै! करुण ने जबाब दिया।

जी आपके लिए पार्सल है! इतना कहकर डाकिया करुण को पार्सल पकड़ा देता है। 

detective stories Hindi

करुण सारा कागजी काम करके डाकिये को वापस भेज देते है। और फिर पार्सल को खोलता है तो उसमे रिकॉर्डर होता है जब वो उसे चालू करता है तो उसमे एक पुराना 1964 का अमेरिकन गाना चलता है जिसे बॉब दयलान ने गाया था उसका नाम था मिस्टर तम्बौरीन मेन! सभी उसे बड़ी ध्यान से सुनते है। 

ये किसने भेजा है? माया ने अजीब नजरो से देखते हुए पूछा। 

इसके साथ जो चिठ्ठी आई है उसमे सिर्फ लिखा है “प्रिय मिस्टर नायर के लिए”! सुजान ने अजीब नजरो से चिठ्ठी को देखते हुए पूछा। 

ये शायद दिल्ली से ही किसी ने भेजी है क्योंकि इसकी इंक अभी भी गीली है और ये कागज चांदनी चौक की नई सड़क पर ही मिलता है मतलब किसी ने इसे चांदनी चौक से ही भेजा है! करुण ने कागज को देखते हुए कहा। 

इसका मतलब जरूर ये ब्लादिमीर ने ही भेजा होगा! माया ने जबाब दिया। 

लेकिन इस गाने को ही उसने क्यों भेजा? सुजान ने चौंकते हुए पूछा। 

हमारे पास ये सब सोचना के समय नहीं है मुख्य बात ये है की ब्लादिमीर यंहा तक पहुँच गया है वो कभी भी इस घर में घुसकर हम सब को खत्म कर सकता है इसलिए जरुरी है की कंही ऐसी जगह छुप जाये जंहा वो हमे ढूँढ ना पाए! माया ने घबराते हुए कहा। 

सॉरी मिस लेकिन मै अपना घर छोड़कर कंही नहीं जाने वाला! करुण ने एक निडरता के साथ जबाब दिया। 

detective stories Hindi

मै आपको काफी समझदार समझ रही थी मिस्टर नायर लेकिन आप तो बेब्कुफ़ है क्योंकि जो दुश्मन आपसे कई गुना शक्तिशाली है आप उसका एक जगह बैठकर इंतज़ार कर रहे है की कब वो आकर आपको खत्म कर दे लेकिन मै माफ़ी चाहती हूँ की मुझे यंहा से जाना होगा जिससे मै अपनी जान बचा सकू! माया ने खड़े होते हुए जबाब दिया। 

आपकी भलाई के लिए मै आपको यही सलाह दूंगा मिस माया की आप भी हमारे साथ ही रहे क्योंकि आप इससे बिलकुल सुरक्षित रहेगी! करुण ने अजीब नजर से माया को देखते हुए कहा। 

 लेकिन माया एक मुंह बनाकर घर से बाहर चली जाती है। सुजान और करुण बस उसे जाते हुए देखते रहते है। 

तो अब आगे की क्या योजना है? सुजान ने बेचैन होते हुए कहा। 

पहले हमे इस रिकॉर्डर का भेद जानना होगा। वैसे ऐसे जासूसी सन्देश अक्सर जर्मनी के सिपाही भेजते थे क्योंकि जब द्वितीय विश्व युद्ध में जर्मनी की जासूसी तकनीक एनिग्मा मशीन अमेरिकी कोड विशेषज्ञ ट्यूरिंग ने ट्यूरिंग मशीन बना कर विफल कर दी तब जर्मनी ने रेडियो पर गानो के जरिये सन्देश भेजने  शुरू कर दिए थे जो की चाबी भरने से बजते थे जैसे की ये रेकॉर्डर बजता है! करुण ने रिकॉर्डर को उठाते हुए कहा। 

लेकिन फिर पूरी दुनिया को इस सन्देश तकनीक के बारे में पता कैसे चला? सुजान ने चौंकते हुए पूछा। 

detective stories Hindi

भूमध्य सागर में जब अंग्रेजी सरकार का एक जहाज खड़ा था उनके पास कोई काम नहीं था इसलिए उन्होंने ग्रामोफोन पर गाने लगा दिए इसी तरह वो अपना वक्त काटते थे जब सारे गाने खत्म हो गए तो कप्तान ने गड़बड़ वाले रिकॉर्ड लगाने को कहा। उसने सोचा की हो सकता है की उससे कुछ पता चल जाये लेकिन जब रिकॉर्ड चलाया गया तब अफसर चाबी देना भूल गया और रिकॉर्ड धीरे धीरे घूमने लगा लेकिन अफसरों को बड़ी हैरानी हुई जब उन्होंने जर्मनी के ख़ुफ़िया सन्देश को उसमे सुना। जर्मन हाई कमांड ने पूर्वी अफ़्रीकी के जर्मनों को ये सन्देश पहुँचाना चाहते थे। 

इस रिकॉर्ड में चालाकी ये की गई थी की रिकॉर्ड को अक्सर 5 से 6 गुना रफ्तार पर चलाया जाता था जिससे सभी गानो को सुन पाते थे लेकिन इसी बीच गाने की आवाज में सन्देश छुप जाता था लेकिन जैसे ही रिकॉर्ड 5 से 6 गुना कम हुआ तभी सन्देश साफ़ सुनाई देने लगा! करुण ने मुस्कराते हुए जबाब दिया। 

तो क्या इस रिकॉर्ड में भी यही चालाकी की होगी! सुजान ने हैरत से पूछा। 

बिलकुल! करुण ने  कहकर ग्रामोफोन पर गाना बिना चाबी दिए ही चला दिया जिसकी वजह से करुण और सुजान उस सन्देश को अब साफ़ तरिके से सुन सकते थे। 

सुजान  जल्दी से उस सन्देश को लिख लेता है और फिर हैरानी से करुण  देखकर कहता है “सच में क्या अद्भुत कला है”

चलो इस सन्देश से ये तो पता चल गया की हमारा विरोधी जर्मनी में काफी दिन रहा है जिसकी वजह से उसे वंहा की काफी ख़ुफ़िया तकनीकों की जानकारी है! करुण ने मुस्कराते  हुए कहा। 

क्या मै सन्देश को तुम्हे पढ़कर सुनाऊ? सुजान ने जबाब दिया। 

detective stories Hindi

जरूर मेरे मित्र! करुण ने रेकॉर्डर को दूसरी तरफ रखते हुए कहा। 

सुजान चुपचाप उस सन्देश को एक तेज़ आवाज में पढ़ता है 

“10 – 20 जाम तीन मित्र के साथ पहुंचे और माँ की तबियत ख़राब है 3.167”

सुजान इस पंक्ति को पढ़ने के बाद अजीब नजरो से करुण की तरफ देखते हुए कहता है “इन पंक्तियों का क्या मतलब हो सकता है? 

इसका मतलब है की गोलीबारी में 10 नंबर की गली में 20 नंबर के मकान पर तीन लोगो की जान चली गई है और इसलिए आसपास के लोगो में काफी घबराहट है! करुण ने जबाब दिया। 

लेकिन ये तुम्हे कैसे पता चला? सुजान ने चौंकते हुए पूछा। 

मैने ख़ुफ़िया बातचीत पर एक बड़ा अनुसंधान किया है और ये फ़्रांसिसी ख़ुफ़िया विभाग की बातचीत करने का तरीका है! करुण ने जबाब दिया

तुम्हारी बातो से लगता है की ब्लादिमीर काफी ख़ुफ़िया विभागों से जुड़ा रहा है! सुजान ने ब्लादिमीर से प्रभावित होते हुए कहा

बिलकुल! करुण ने जबाब दिया

लेकिन इन नंबरों का क्या मतलब है? 3.167? सुजान ने अजीब नजरो से वापस उस पंक्ति को देखते हुए कहा। 

ये जनसंख्या का प्रतीक है हाल ही की रिपोर्ट में पता चला है की इतनी जनसख्या किनारी बाजार की है! करुण ने जबाब दिया। 

मतलब ये किनारी बाजार में हत्याकांड हुआ है लेकिन ब्लादमीर अगर तुम्हारे लिए आया है तो वह मासूमो को क्यों मार रहा है? सुजान ने एक गुस्से भरी आवाज में पूछा। 

ब्लादमीर को खेलने का बहुत शौक है उसे अपने शिकार को डरा कर मारने में मजा आता है वो चाहता है की वो ऐसा भर्म पैदा कर दे की उसका शिकार उसके बारे में सोच कर ही अपनी मौत स्वीकार कर ले! करुण ने जबाब दिया।

तो अब आगे की क्या योजना है? सुजान ने पूछा। 

detective stories Hindi

योजना बहुत सरल है शिकारी का शिकार करने में जो मजा है वो किसी में नहीं मुझे मेरे पुराने रॉ वाले दिन याद आ गए। हमे तुरंत ही किनारी बाजार जाना होगा! करुण ने अपना लम्बा कोट पहनते हुए कहा। 

कुछ देर बाद, 

एक दो मंजिल का घर है। काफी पुराना घर जिसकी बाहरी सतह पर काई लगी हुई है कुछ ईंटे बाहर की तरफ निकल रही है। घर के बगल से एक बेल ऊपर से नीचे की तरफ लटक रही है। हर मंजिल पर दो दो खिड़किया है। बाहर लोगो की भीड़ लगी हुई है और अंदर फोरेंसिक टीम लाशो का परीक्षण करने में व्यस्त है दूसरी मंजिल पर तीन लाशे गिरी हुई है। नीचे पुलिस लोगो को घर से दूर रखने की कोशिश कर रहे है। 

तभी कमरे में करुण और सुजान प्रवेश करते है। लेकिन इंस्पेक्टर शिशोदिया और गोखले करुण को देखकर चौंक जाते है क्योंकि ये किसी स्थानीय गिरोह की लूटपाट और हत्याकाँड का मामला था जिसका किसी डिटेक्टिव से शायद ही कोई लेना देना हो। 

अरे मिस्टर नायर आप यंहा? इंस्पेक्टर ने चौंकते हुए करुण से पूछा। 

जी दरअसल मुझे इस हत्याकांड से जुडी एक चिठ्ठी प्राप्त हुई है सुबह ही, इसलिए सोचा देखने आ जाऊ! वैसे आपको क्या लगता है इंस्पेक्टर ये हत्याकांड क्यों किया गया और किसने किया होगा? करुण ने इंस्पेक्टर से हाँथ मिलाते हुए पूछा। 

देखने से तो लगता है मिस्टर नायर की ये किसी स्थानीय गिरोह वालो का काम है क्योंकि ये जो लोग मरे है वो भी गुंडे है शायद इसलिए उनकी हत्या की गई है! इंस्पेक्टर ने लाशो को देखते हुए जबाब दिया। 

detective stories Hindi

स्थानीय गिरोह का काम? इतना कहकर करुण एक दिवार से एक गोली निकालता है और फिर अचानक ही इंस्पेक्टर की तरफ देखकर कहता है “मुझे नहीं लगता है मिस्टर शिशोदिया की ये स्थानीय गिरोह का काम होगा क्योंकि ये गोली 5 mm की है मतलब ये गोली कैलिबर बन्दुक से चलाई गई है जो की अभी तक भारत में आई भी नहीं है इसलिए जरूर ये बाहरी तत्व का काम है! इतना कहकर करुण कमरे की दीवारों को बड़ी अजीब नजरो से देखने लगता है। 

तभी करुण दीवार के कोने की पपड़ी छुटाने लगता है जिसकी वजह से पुरे फर्श पर मिट्टी गिर जाती है और करुण उस दिवार से एक कागज का टुकड़ा निकालता है और उसे अजीब नजरो से पढ़कर अपनी जेब में रख लेता है। 

तो अब आगे की क्या योजना है? सुजान ने करुण की तरफ देखते हुए पूछा। 

तुम रॉ सचिव राजीव दीक्षित से जाकर मिलो और उन्हें सारी स्तिथि के बारे में बताओ! करुण इतना कहकर इंस्पेक्टर की तरफ मुड़ जाता है। 

इंस्पेक्टर साहब आप एक पत्ते पर दोपहर के 4 बजे पहुँच जाना! इतना कहकर करुण और सुजान घर से बाहर आ जाते है

तुम क्या करने वाले हो? सुजान ने तांगे में बैठते हुए पूछा

मै जाऊंगा ब्लादिमीर से मिलने के लिए! करुण इतना कहकर दूसरे तांगे  में बैठ जाता है 

detective stories Hindi

दोपहर के 3 बज कर 45 मिनट हो चुके थे। चारो तरफ जंगल था और इसके इर्द गिर्द कम से कम 50 गांव बसे हुए थे ये दिल्ली के आसपास थे जिसे लोगो ने नॉएडा कहना शुरू किया था। क्योंकि जब दिल्ली में जब जनसंख्या का दवाब बढ़ने लगा और केंद्र सरकार को इसके इर्द-गिर्द दिल्ली के बाहर से आने वाले लोगों के अनियंत्रित होने का खतरा बढ़ा तब वर्ष 1972 में 50 गांवों को यमुना-हिंडन-दिल्ली बॉर्डर रेगुलेटेड एरिया घोषित किया गया। यह घोषणा यूपी रेगुलेशन ऑफ बिल्डिंग ऑपरेशन एक्ट 1958 के तहत की गई। गांवों को रेगुलेटेड एरिया घोषित करने का फैसला 7 मार्च, 1972 में लिया गया था।

करुण एक फैक्ट्री में घुसता है जो की यमुना के काफी करीब थी। वो फैक्ट्री शायद कपड़ो की मील से जुडी हुई थी क्योंकि वह कई तरह के रंग और कपडे रखे हुए थे। करुण चुपचाप फैक्ट्री की दूसरी मंजिल पर जाता है तो वंहा एक शाही राजाओ वाली कुर्सी पर ब्लादिमीर बैठा हुआ था जो की करुण को देखकर एकदम से खुश होकर खड़ा हो जाता है। 

मुझे बहुत अच्छा लगा मिस्टर नायर की आपने मेरा निमंत्रण स्वीकार किया। कृपया चले आइये मिस्टर नायर! ब्लादिमीर खुश होता हुआ करुण की तरफ बढ़ जाता है। 

नोट – कहानी का अगला भाग 15 तारीख को आएगा तब तक आप दूसरा अध्याय इंडियन पेपर इंक ईबुक स्टोर पर पढ़ सकता है 

2 Replies to “एडवेंचर ऑफ़ करुण नायर – रहस्य ब्लादिमीर का पार्ट 1”

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *