करुण नायर – नीले परिंदे का रहस्य लास्ट पार्ट

अध्याय – 3 एक और गुनाह 

करुण नायर

दोपहर का समय, सुजान और करुण अपने कमरे में बैठे हुए है और एक गहरी सोच में डूबे हुए है। बाहर चारो तरफ एक शांति फैली हुई है।

पहली बार मुझे ऐसे केस से सामना करना पड़ रहा है जो इतना उलझा हुआ है! सुजान ने अपने बालो  नोचते हुए कहा। 

सुजान किसी भी समस्या का हल करने का एंगल त्रिकोण होता है! करुण इतना कहकर अपनी आराम कुर्सी पर बैठ जाती है। 

ये तो साफ़ जाहिर है की इस हत्याकांड में एक से ज्यादा मुजरिम शामिल है! सुजान ने करुण की तरफ देखते हुए कहा। 

बिलकुल सही कहा। चलो देखते है शुरू से पहले माया खुनी हो सकती है? लेकिन हरी सिंह की हत्या के समय वो कमरे में थी ही नहीं और दूसरा जब हमपर हमला हुआ तब भी वह हमारे सामने अमित राणा के साथ थी। तो दूसरा बची धर्म की पहली पत्नी रुक्मा? लेकिन उसको तो सारी जायदाद मिलने ही वाली थी फिर वो ऐसा षडंयत्र रचेगी? तीसरा कर्नल जसविंदर? मान लो की जसविंदर के पास हरी सिंह को मारने का कारण था और साथ ही  उसके पास वो परिंदे भी थे लेकिन जब हम खिड़की से जा रहे थे तब वो कमरे में ही था अपने अगर मै एक खुनी जसविंदर को मान लू तो दूसरा फिर वो कौन था जिसने बॉडीगॉर्ड पर गोलिया चलाई? करुण इतना कहकर चुप हो जाता है

तभी दरवाजे पर माया की आवाज सुनाई देती है। सुजान जाकर दरवाजा खोलता है। 

ओह माया जी आप? करुण ने चौंकते हुए पूछा। 

दरअसल आज जोसेफ का पोलो का मैच है इसलिए आपको निमंत्रण देने आई थी मै, अमित और धर्म भाई वंही जा रहे है। 

हम भी जरूर चलना चाहेंगे! करुण ने अपना कोट पहनते हुए जबाब दिया। 

नीले परिंदे का रहस्य

कुछ ही देर में सब स्टेडियम पहुँच जाते है और सुजान के साथ करुण भी प्रतियोगिता का आनंद  उठाने लगते है तभी करुण की नजर धर्म पर जाती है जो की स्टेडियम से बाहर जा रहा था। 

सुजान चलो हमे धर्म का पीछा करना होगा! इतना कहकर करुण भी जल्दी से सुजान को बोलकर स्टेडियम से बाहर आ जाता है जंहा पर धर्म पहले ही अपनी मोटर में बैठ कर निकल गया था करुण भी सुजान के साथ एक तांगा लेकर निकल जाता है। 

करुण को धर्म की गाड़ी एक जगह पर खड़ी दिखाई देती है करुण और जल्दी से तांगे से उत्तर कर आसपास देखते है तो धर्म उन्हें एक घर में जाते हुए दिखाई देते है। 

ये तो संग्रहालय है! सुजान ने चौंकते हुए पूछा। 

लेकिन धर्म यंहा क्यों आएगा? करुण ने अजीब नजरो से संग्रहालय को देखते हुए अपने आप से कहा। 

सुजान और करुण दोनों ही संग्रहालय में प्रवेश कर जाते है तो वंहा पर धर्म अपनी तलाकी पत्नी रुक्मा से बात कर रहा था दोनों ही काफी शांत नजर आ रहे  थे जो की अक्सर नहीं होते थे 

क्या इन सबमे धर्म और उसकी पत्नी का ही हाँथ है? सुजान ने एकदम से चौंकते हुए कहा। 

किसी भी नतीजे पर इतनी जल्दी नहीं पहुंचना चाहिए! करुण ने अजीब नजरो से धर्म और रुक्मा को देखते हुए कहा। 

लेकिन जो दोनों ही एक दूसरे से नफरत करते है तो ये दोनों आपस में मिलने क्यों आये है? 

वो तो जल्दी ही पता चल जायेगा! करुण ने जबाब दिया

तभी अलमारियों की गिरने की आवाज आने लगती है जिसे देखकर धर्म और उसकी पत्नी रुक्मा एकदम से अलग अलग रास्तो से निकल जाता है। 

नीले परिंदे का रहस्य

करुण और सुजान दोनों भागकर संग्रहालय के बाहर आते है तो धर्म एक मोटर पर बैठकर जा चूका था और उसकी पत्नी तेज़ी से चलती हुई जा रही थी। 

सुजान और करुण उस लड़की का पीछा करते है लेकिन तभी उसे महसूस होता है की किसी ने गोली चलाई है। 

करुण और सुजान भागकर एक गली में जाते है जंहा पर एक काले चोगे वाले ने रुक्मा को गोली मारी थी और वह भागने लगता है तभी भागते हुए करुण अपनी छड़ी फेंककर उस काले चोगे वाले के मारता है जिससे वह अपना सिर पकड़कर भाग जाता है। 

सुजान जल्दी से भागकर रुक्मा को देखता है जो की मर चुकी थी।

अब हम क्या करे? सुजान ने चौंकते हुए पूछा। 

तभी सामने से जोसेफ और अमित आते हुए दिखाई देते है। 

तुम दोनों इसको होटल ले जाओ और सुजान  मेरे साथ वापस हवेली की तरफ चलो क्योंकि हो ना हो कातिल अब धर्म को भी मारने की कोशिश करेगा! इतना कहकर करुण एक तांगे वाले को रुकने का इशारा करता है। 

सुजान और करुण वापस हवेली में पहुँचते है तो एक कुर्सी पर खिड़की की तरफ मुंह किये धर्म बैठा होता है। 

करुण जैसे ही कुर्सी को पलटता है तो सामने धर्म मरा हुआ होता है। उसकी ऊँगली एक किताब की तरफ थी जब करुण उस किताब को खोलता है तो उसमे एक मेडिकल रिपोर्ट होती है। 

पुलिस इंस्पेक्टर को बुला लो और सभी घर वालो को भी बुला लो खुनी का पता चल गया है! इतना कहकर करुण चला जाता है। 

कुछ देर बाद, 

नीले परिंदे का रहस्य

एक खाली हॉल में चारो तरफ पुलिस है और दूसरी तरफ माया जिसने एक गाउन पहना हुआ था और सिर पर ब्रिटिश टोपी पहनी हुई थी साथ ही दूसरी तरफ अमित राणा अपनी शाही पोशाक में थे और जोसेफ भी खड़ा हुआ था और साथ ही बॉडीगार्ड जसविंदर भी खड़े थे। 

तो बताइये हमे डिटेक्टिव की खुनी कौन है? इंस्पेक्टर ने चौंकते हुए पूछा। 

खुनी कोई और नहीं बल्कि माया ही है! क्योंकि ये ही है राजा हरि सिंह की पहली बेटी और इसका सबूत है ये मेडकिल रिपोर्ट! करुण एक मेडिकल रिपोर्ट सबको दिखाता है। 

लेकिन इससे ये साबित तो नहीं होता है की मै खुनी थी? माया ने अजीब नजरो से देखते हुए कहा। 

साबित करेगी आप खुद मिस माया! जब वो खुनी भाग रहा था तब मेने उसके सिर पर छड़ी फेंक कर मारी थी जिसका निशान अभी भी आपके सिर के पास ही होगा! इतना कहकर करुण माया के सिर से टोपी उतार देता है और सच में  उसके सिर पर निशान होता है। 

इंस्पेक्टर तुरंत ही माया को गिरफ्तार कर लेते है। और सभी पुलिस वाले जाने लगते है और अमित जोसेफ और जसविंदर भी करुण से हाँथ मिलाते है। 

तुम बहुत ही अच्छा खेलते हो! करुण जोसेफ की तारीफ करता है। 

थैंक यू! जोसेफ एक मुस्कान के साथ कहता है फिर तीनो चले जाते है और करुण सुजान के साथ बाहर आ जाते है। 

मुझे एक बात समझ नहीं आई की जब माया हरि सिंह की मौत के समय बाहर थी तो फिर अंदर उसका खून किसने किया? और उस वक्त जब हमपर गोलिया चली तब माया हमारे सामने थी तो फिर खून किसने किया? सुजान ने चौंकते हुए पूछा। 

तभी करुण घर की तरफ भागता है और सुजान भी उसके पीछे भागता है। 

क्या हुआ? सुजान चौंकते हुए पूछता है। 

नीले परिंदे का रहस्य

तुम्हारा सवाल बिलकुल सही है और वो खून में साथ देना वाला कोई और नहीं बल्कि जोसेफ ही था! करुण भागते हुए जबाब देता है। 

लेकिन ये तुम कैसे कह सकते हो? सुजान ने चौंकते हुए पूछा 

मैने जब जोसेफ की तारीफ की तो मैने हिंदी भाषा में बोला था जबकि जोसेफ को तो हिंदी समझ आती ही नहीं थी याद है ना? करुण इतना कहकर उस कमरे में जाता है जंहा पर जोसेफ होता है। 

जोसेफ करुण को देखकर भागने लगता है

लेकिन तभी उसे कर्नल जसविंदर पकड़ लेते है

करुण जल्दी से जोसेफ को लपक लेता है और एक थप्पड़ मारकर कुर्सी पर बैठा देता है। 

सुजान जल्दी से पुलिस इन्स्पेटर को बुलावा भिजवा देता है और जब करुण सभी तथ्य इंस्पेक्टर के सामने रखते है तो इंस्पेक्टर उसे पकड़ कर ले जाते है। 

आप बहुत ही प्रतिभाशाली है मिस्टर नायर! कर्नल खुश होते हुए कहते है। 

धन्यवाद! करुण मुस्कराते हुए जबाब देता है। 

मै आपको एक उपहार देना चाहता हूँ मिस्टर नायर! इतना कहकर कर्नल एक पिंजरे से एक नीला अदभुत परिंदे को निकालकर करुण को देता है। 

वो तुरंत ही करुण के कंधे पर बैठ जाता है। 

इस खास उपहार के लिए धन्यवाद! इतना कहकर करुण सुजान उस परिंदे को लेकर चांदनी चौक की हनुमान गली वापस आ जाते है। 

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