कलियुग – एक श्रापित राजकुमार पार्ट 11

       अध्याय – 11 पुराने दिन 


ये उस समय की बात है जब मै अपने पहले स्कूल में गया। वो स्कूल हमारे स्कूल से ज्यादा खतरनाक नहीं था क्योंकि वंहा शक्तिशाली स्टूडेंट्स से ज्यादा कमजोर बच्चे पढ़ते थे। मुझे अपनी शक्तियों पर बहुत घमंड था। ना सिर्फ इसलिए क्योंकि मै उस स्कूल का राजा था बल्कि मेरी शक्तियों का घमंड मुझे ज्यादा था। लेकिन मुझमे बदलाव आया जब मेरे स्कूल में आई वो जिसका नाम था पंखुड़ी

सुबह का समय था। कलियुग अपना बैग आराम से लगा रहा था लेकिन उसके पिता जल्दी करने में लगे हुए थे। 

क्या हो गया तुम्हे कलियुग? स्कूल  तुम लेट क्यों जाने दो? कलियुग के पिता ने गुस्से में कहा। 

मेने कितनी बार कहा है डेड मुझे वो स्कूल पसंद नहीं है वंहा सब लूज़र के आलावा कोई नहीं है! कलियुग ने मुंह बनाते हुए कहा। 

देखो बेटा जिनके पास शक्तिया नहीं  होती है हम लोगो को उनकी भी उतनी ही इज़्ज़त करनी चाहिए जितनी हम दुसरो की करते है वरना अगर ऐसा ही चलता रहा तो श्रापित राजकुमार का अवतार होना निश्चित हो जायेगा जो आकर सभी शक्तिशाली लोगो को खत्म करके ये दुनिया कमजोरो को देंगे! कलियुग के पिता ने कलियुग को समझाते हुए कहा। 

मै श्रापित राजकुमार से डरता नहीं हूँ डेड! इतना कहकर कलियुग अपना बेग लेकर स्कूल की तरफ निकल जाता है। 

स्कूल में पहुँचकर कलियुग अपनी क्लास में बैठ जाता है तभी कमरे में एक लड़की आती है। 

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तो बच्चो ये है पंखुड़ी ये हमारी क्लास में ही पढाई करेगी! टीचर ने पंखुड़ी को सभी बच्चो को उससे मिलवाते हुए कहा। पंखुड़ी के छोटे लहराते बाल, गोरा रंग और अच्छे शरीर की वजह से सभी क्लास के लड़के अपने पास बिठाना चाहते थे लेकिन वह इस बात से डर भी रहे थे की कंही पंखुड़ी कलियुग के पास खाली जगह देखकर वंहा पर ना बैठ जाए क्योंकि कलियुग के साथ बैठने का मतलब होता था की आज उसकी पिटाई।  

पंखुड़ी ने भी सभी को हेलो कहा और सीधा कलियुग के पास जाकर ही बैठ जाती है। कलियुग का बस ध्यान पंखुड़ी की तरफ ही था मानो उसे समझ नहीं आ रहा था की वो क्या बोले वो पहली बार किसी लड़की के साथ बैठने से भी घबरा रहा था। 

हेलो मेरा नाम पंखुड़ी है! पंखुड़ी ने कलियुग को हेलो कहा। 

मेरा नाम कलियुग है! कलियुग ने एक घबराहट में  दिया। 

थोड़ी देर में क्लास चालू हो जाती है और कलियुग का पूरा ध्यान सिर्फ पंखुड़ी पर ही था मानो उसे पहली नजर का प्यार हो गया हो। तभी अचानक ही क्लास की छुट्टी हो जाती है और सभी बाहर कैफे में खाना खाने चले  जाते है। 

कलियुग उठकर जाने लगता है तभी पंखुड़ी की आवाज आती है। 

हे कलियुग क्या तुम कैफे जा रहे हो? पंखुड़ी ने मुस्कराते हुए पूछा। 

कलियुग को कुछ समझ नहीं आता इसलिए बस वो हाँ में सर हिल देता है। 

ओह तो क्या मै भी तुम्हारे साथ चल सकती हूँ? पंखुड़ी एक प्यारी मुस्कान के साथ पूछती है की कलियुग उसे मना ही नहीं कर पाता। 

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कलियुग और पंखुड़ी जैसे ही कैफे में घुसते है सब कलियुग के डर की वजह से कैफे का वो कोना खाली कर देते है जिसपर अक्सर कलियुग बैठता था। सभी कलियुग और पंखुड़ी को नजरअंदाज करने लगते है। 

क्या तुम्हे केक पसंद है मेने खुद अपने हांथो से बनाया है? पंखुड़ी अपने बैग से एक खाने का टिफिन निकालती है जिसमे केक होता है कलियुग तुरंत ही केक उठा लेता है और खाने लगता है। मानो उसे कभी केक मिला ही ना हो। सभी कलियुग को ऐसे खाते देखकर खुसफुसर कर रहे थे की देखो सच में जानवर ही है जिसको चाहा पीट दिया जिसको चाहे परेशान किया और कैसे भी खा लिया। 

पंखुड़ी बस हँस जाती है। 

लगता है तुम्हे केक काफी पसंद है! पंखुड़ी मुस्कराते हुए पूछती है। 

कलियुग के मुंह पर केक लगा हुआ था वो बस अजीब नजरो से देखते हुए कहता है हाँ 

ओह कोई नहीं तुम और लो ना प्लीज वैसे एक बात बोलू तुम ऐसे खाते हुए बहुत ही क्यूट लगते हो! इतना कहकर पंखुड़ी कलियुग के बालो को बिखेर देती है। 

पहली बार कलियुग को अजीब लगा उसे वैसे ऐसे कोई करता तो जान से ही मार देता लेकिन पता नहीं क्यों पंखुड़ी का ऐसा करना उसे ना सिर्फ अच्छा लग रहा था बल्कि कलियुग का दिल जोरो से धड़क रहा था। 

अरे रुको तुम्हारे मुंह पर केक लग गया है! इतना कहकर पंखुड़ी अपने रुमाल से कलियुग का मुंह साफ़ कर देती है। 

चलो मै पढ़ने जा रही हूँ लाइब्रेरी बाद में मिलती हूँ कलियुग! इतना कहकर पंखुड़ी चली जाती है। 

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लेकिन कलियुग भी लाइब्रेरी में जाता है और सभी कलियुग को  लाइब्रेरी में देखकर एकदम से चौंक जाते है। लेकिन कलियुग बस सबको एक दरवानी शक्ल के साथ देखता है तो सभी वापस अपने काम करने का नाटक करने लगते है। 

कलियुग बस छुप कर पंखुड़ी को ही देखता रहता है। उसका बाते करना, मुस्कराना, अपने हांथो से केक उसके मुंह से हटाना मानो  कलियुग के दिल से ये सब जा ही नहीं रहा था। 

कलियुग इतना खो जाता है की उसे समझ ही नहीं आता की कब पंखुड़ी उसके पीछे खड़ी हो जाती है। 

क्या देख रहे हो? पंखुड़ी अजीब नजरो से देखते हुए पूछती है। 

पंखुड़ी के ऐसे पूछने की वजह से कलियुग एकदम से डर जाता है  और उसका चेहरा ऐसा हो जाता है जैसे मानो उसकी किसी ने चोरी पकड़ ली हो। 

कुछ नहीं पंखुड़ी मै बस ये किताब पढ़ने आया था! कलियुग जल्दी से एक किताब उठा लेती है। 

पंखुड़ी एकदम से फिर से हँस जाती है। 

मुझे नहीं पता था की तुम्हे एडल्ट ट्रांसजेंडर कॉमिक्स भी पढ़ने का शौक है? पंखुड़ी की हँसी नहीं रुक रही थी। 

जैसे ही कलियुग की नजर उस किताब पर पड़ती है कलियुग एकदम से चीख पड़ता है और किताब को जल्दी से वंही रख देता है जंहा से उठाई थी। 

क्या तुम मुझे देखने तो नहीं आये थे? पंखुड़ी इतना कहकर खिलखिलाकर हॅसने लगती है। 

नहीं वो मै बस किताब ही लेने आया था! कलियुग ने घबराते हुए जबाब दिया। 

अच्छा चलो मै चलती हूँ और तुमसे कल  मिलती हूँ! इतना कहकर पंखुड़ी चली जाती है। 

कलियुग बस उसे पीछे से ही देखता रहता है। 

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अब कलियुग हर दिन पंखुड़ी  के साथ ही रहता था उसे बस पंखुड़ी के साथ रहना बेहद पसंद आने लगा था वह धीरे धीरे पंखुड़ी से प्यार करने लगा था। वो हर दिन मिलता पंखुड़ी के साथ बाहर भी घूमने जाता था। पंखुड़ी उसके साथ गेम भी खेलती थी जिसमे कलियुग हमेशा हार जाता था। कलियुग को भी पंखुड़ी काफी पसंद करती थी लेकिन सिर्फ एक अच्छे दोस्त के नाते क्योंकि पंखुड़ी कलियुग को एक अच्छा लड़का समझती थी। 

एक दिन पंखुड़ी बस ऐसे ही कैफे में बैठी होती है तभी कलियुग एकदम से उसके सामने वाली कुर्सी पर बैठ जाता है और धीरे स्वर में पूछता है की पंखुड़ी तुमसे एक बात पुछु अगर तुम बुरा ना मानो तो?

हाँ बोलो ना कलियुग? पंखुड़ी ने बर्गर खाते हुए जबाब दिया। 

तुम्हे किस तरह का लड़का पसंद है अगर तुम्हे किसी से प्यार करना हो तो? कलियुग ने एक घबराहट के साथ पूछा। 

मुझे चाहिए जो मेरा बहुत अच्छा दोस्त हो साथ ही कमजोर शक्ति वाले स्टूडेंट्स और लोगो की इज्जत करता हो। मुझे घमंडी और शक्तियों को कमजोर पर प्रदर्शित करने वालो से बिलकुल नफरत है! पंखुड़ी ने जबाब दिया। 

ये जबाब सुनकर तो कलियुग और घबरा जाता है क्योंकि अगर स्कूल के किसी भी स्टूडेंट्स ने पंखुड़ी को कलियुग के बारे में सच बता दिया तो पंखुड़ी उसे बिलकुल ही दोस्ती तोड़ देगी। 

वैसे मैने सूना है आज ऑडिशन चल रहा है डांस के लिए इसलिए आज मै भी आज ऑडिशन देने जाउंगी! पंखुड़ी मुस्कराते हुए कहा

पंखुड़ी मै तुमसे थोड़ी देर बाद बात करता हूँ! इतना कहते ही कलियुग तुरंत ही निकल जाता है। 

जैसे ही कैफे से निकलता है तभी एक लड़के से पूछता है रघु कँहा पर है? कलियुग की शक्ल पर एक बेचैनी साफ़ दिखाई दे रही थी। 

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वो तो मीडिया ऑडिटोरियम में होगा नए बच्चे का ऑडिशन ले रहा होगा! उस बच्चे ने डरते हुए जबाब दिया। 

 ठीक है! इतना कहकर तुरंत ही कलियुग तुरंत ही ऑडिटोरियम की तरफ भागकर जाता है।

दूसरी तरफ, 

रघु एक लंबा लड़का है जो कि एक एक्टर है और स्कूल का कला विभाग का कप्तान भी है। वह अपने लड़को के साथ ऑडिटोरियम में बैठा हुआ था और सामने स्कूल के स्टूडेंट्स का एक ग्रुप डांस कर रहा था तभी उसे बीच मे मंच पर एक परछाई दिखाई देती है जिससे उसे गुस्सा आ जाता है।

कौन है यार ये बेबकुफ़ जो सीधा मंच पर चला आया! रघु ने गुस्से में कहा।

लगता है कोई जूनियर है! एक लड़के ने जबाब दिया।

लाइट बॉय इसपर लाइट मारो! पता नही कंहा कंहा से आ जाते है! रघु का गुस्सा बढ़ रहा था।

जैसे ही लाइट उस परछाई पर पड़ती है वंहा सामने कलियुग खड़ा था जिसे देखकर सभी लड़के एकदम से घबरा जाते है। यही नही रघु के तो पसीने छूट जाते है। 

कलियुग वो भी ऑडिटोरियम में! रघु अपना पसीना पोंछते हुए कहता है।

कलियुग सीधा जाकर रघु की कॉलर पकड़ लेता है।

मुझे माफ़ करदो कलियुग मुझे पता नही था वो तुम हो! रघु ने घबराते हुए जबाब दिया।

मेरी बात ध्यान से सुनो तुम सब एक लड़की पंखुड़ी तुम्हारे कला ग्रुप में डांस करने के लिए जुड़ रही है। उससे में प्यार करता हूँ अगर किसी भी लड़के ने उसके साथ बदतमीजी की तो वो लड़का समझलो जान से चला जाएगा और एक बात ओर कोई भी उसे मेरे बारे में कुछ भी नही बताएग! इतना कहकर कलियुग के मुक्का मुंह पर जड़ देता है।

ये मुझे बेबकुफ़ कहने के लिए!  इतना कहकर कलियुग वापस दूसरे लड़के की कॉलर पकड़ लेता है।

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पूरे स्कूल में बता दो की कोई भी पंखुड़ी को मेरे बारे में नही बताएगा जिसने भी बताया कि मै कैसा हूँ और मै क्या करता हूँ! उसका मै वो हाल करूँगा जो किसीने ने नही किया होगा! कलियुग जाने लगता है तभी सामने एक लड़का हांफते हुए दिखाई देता है।

कलियुग! वो लड़का हांफते हुए कहता है।

क्या हुआ! कलियुग ने उस लड़के की तरफ अजीब नजरो से देखते हुए कहा।

दूसरे स्कूल के लड़कों ने पंखुड़ी को छेड़ने की कोशिश की है! वो लड़का हांफते हुए कहा।

कलियुग जैसे ही ये सुनता है वो जल्दी से भागता है और सभी लड़के एक साथ  कहते है।

“अब कलियुग उस पूरे स्कूल को जिंदा नही छोड़ेगा”  

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