कलियुग – एक श्रापित राजकुमार पार्ट 12

अध्याय – 12 प्यार की लड़ाई 


शाम हो चुकी थी। जैसे ही कलियुग पंखुड़ी के पास पहुँचता है। पंखुड़ी एक कोने में बैठी होती है जिसे क्लास की लड़कियों ने घेर रखा होता है। कलियुग को देखकर सब हट जाते है कलियुग की नजर जैसे ही पंखुड़ी पर पड़ती है तो उसके कोहनी पर हलकी खीरोच आई होती है। 

क्या हो गया पंखुड़ी? कलियुग ने कोहनी को देखते हुए पूछा। 

कुछ नहीं बस बगल वाले स्कूल के कुछ बद्तमीज लड़के मुझे छेड़ने  कोशिश कर रहे थे लेकिन मै उन लोगो को नजरअंदाज करके आ गई शक्तिशाली लोग सोचते  है की कमजोर लोग बस उनकी चीज़ है! पंखुड़ी अपनी कोहनी को साफ़ करते हुए बोली। 

ये सुनकर सभी लड़किया अजीब  नजरो से कलियुग को देखती है क्योंकि कंही ना कंही कलियुग भी वैसा ही था। 

हाँ तुम सही कह रही हो पंखुड़ी शक्तिशाली लोगो को कमजोरो की इज्जत करनी चाहिए! कलियुग ने सभी लड़कियों से अपनी नजरे बचाते हुए जबाब दिया। 

चलो मै उन लड़को से बात करके आता हूँ जिन्होंने तुम्हे छेड़ा! कलियुग इतना कहकर जाने लगता है। 

नहीं इसकी जरूरत नहीं है कलियुग मै ठीक हूँ! इतना कहकर पंखुड़ी कलियुग का हाँथ पकड़ लेती है और क्लास से उसे दूसरे कमरे में ले जाती है। 

कलियुग बस पंखुड़ी की तरफ ही देखता रह जाता है। उसका प्यार पंखुड़ी के लिए और बढ़ने लगा था। उसका मन तो कर रहा था की वो उस स्कूल के एक एक बच्चे को चीर कर रख दे लेकिन पंखुड़ी के हांथो से अपना हाँथ छुड़ाने की उसकी बसकी नहीं थी। 

ये देखो कलियुग मै तुम्हारे लिए केक लेकर आई हूँ! पंखुड़ी एक बॉक्स से केक निकालते हुए कहती है। 

क्या ये तुम मेरे लिए लाई हो? केक को देखकर कलियुग की आँखों में आंसू आ जाते है। 

Magical stories in hindi

अरे तुम रो क्यों रहे हो? जब मै तुम्हारे लिए केक लेने गई तब ही तो वो लड़के मिल गए थे उन्होंने मुझे छेड़ने की कोशिश की कहने लगे की अरे मेडम हमे भी तो केक खिलाती जाओ।
लेकिन मै उन्हें नजरअंदाज करके आ गई लेकिन एक लड़के ने मेरा हाँथ पकड़ लिया और उससे हाँथ छुड़ाने की कोशिश में ही मेरे ये खरोंच आ गई! इतना कहकर पंखुड़ी कलियुग को केक खिला देती है। 

तुम बहुत अच्छी हो पंखुड़ी! कलियुग ने एक धीमी मुस्कराहट के साथ कहा।

चलो अच्छा कलियुग मै अब घर जा रही हूँ ठीक है! इतना कहकर पंखुड़ी कमरे से बाहर चली जाती है। 

कलियुग केक को वापस बॉक्स में रख देता है और उस कमरे से निकलता है तो सामने सभी स्टूडेंट्स खड़े होते है जो जानते है की अब क्या होने वाला है। 

कलियुग बस चुपचाप स्कूल से बाहर चला जाता है और दूसरे स्कूल के अंदर जाता है।

तो वंहा पर कई लड़के लड़किया खड़े होते है जो की कलियुग को देखकर एकदम से चौंक जाते है। 

कलियुग एक तेज़ आवाज में बोलता है। 

जिसने भी कुछ देर पहले हमारे स्कूल की लड़की को छेड़ने की कोशिश की थी वो खुद मेरे सामने आ जाये वरना मुझे मजबूरन तुम्हारे पुरे स्कूल को पीटना पड़ेगा। 

ये सुनकर सभी स्टूडेंट्स हॅसने लगते है। 

जा नहीं बता रहे जो करना है कर ले! एक लड़के ने हँसते हुए जबाब दिया। 

याद रखना तेरा मै हाँथ तो में जरूर तोडूंगा! कलियुग ने उस लड़के को देखते हुए कहा। 

लगता है इसको काफी चर्बी चढ़ गई है। चलो आज इसको सबक सिखाते है! इतना कहकर सभी लड़के कलियुग की तरफ बढ़ जाते है। 

कलियुग बस चुपचाप खड़ा रहता है। 

Magical stories in hindi

तभी एक लड़का एक खूंखार भेड़िये में बदल जाता है और भागते हुए कलियुग की तरफ आता है लेकिन कलियुग इतने में ही एक भयानक शेर का रूप ले लेता है और उसे अपने एक ही पंजे के वार में दूर फेंक देता है। 

कलियुग वापस अपना असली रूप ले लेता है। 

तभी कुछ लड़के हवा के भवंडर बना कर उसे घेर लेते है लेकिन तभी उन्हें महसूस होता है की कलियुग भंवडर के ऊपर खड़ा है और सभी एक भवंडर में घिर चुके है जिसमे फंस कर वो दूसरी तरफ जाकर गिरते है। कलियुग वापस जमीन पर आ जाता है और देखते ही देखते है स्कूल ग्राउंड में लड़के लड़किया बेहोश पड़े होते है। तभी कुछ लड़को का झुण्ड कलियुग के सामने आते है। 

ओये हमने छेड़ा था उस लड़की को और अगली बार मिल गई तो इसबार छेड़ेंगे ही नहीं बल्कि जबरदस्ती उठा भी लेंगे! एक लड़के ने हँसते हुए कहा। 

कलियुग की आंखे हरी हो जाती है और कलियुग भागते हुए जाता है तभी वह एक ड्रैगन में बदल जाता है और आग फेंककर सभी लड़को के ऊपर फेंकता है लेकिन सभी लड़के अलग हटकर बच जाते है। 

उनमे से एक लड़का मुंह से तेजाब फेंकता है तभी कलियुग सामान्य रूप में आकर भवंडर से उसका तेजाब दूसरी तरफ कर देता है और खुद भी मुंह से तेजाब फेंकता है देखते ही देखते सभी कलियुग से हारने लगते है और कलियुग उस लड़के को पकड़ लेता है जिसने पंखुड़ी को छेड़ा होता है वो उसे  पकड़कर उसके गले में फंदा डाल देता है और उसे एक पेड़ से लटका देता है। 

किसी ने भी मेरी पंखुड़ी को देखा भी तो उसका भी यही हाल करूँगा क्योंकि वो मेरा प्यार है और मेरा नाम याद रखना कलियुग। 

Magical stories in hindi

तभी कलियुग की नजर उस लड़के पर पड़ती है जिसका हाँथ तोड़ने की बात कलियुग ने कंही थी वो कलियुग को देखते भाग खड़ा होता है तभी कलियुग एक बाज़ बन जाता है और तेज़ी से उड़ते हुए उसका पीछा करता है वो लड़का भागते हुए गिर जाता है जैसे ही वो सामने देखता है तो वो बाज़ से एक विशाल ड्रैगन बन जाता है और उसका हाँथ पर खा लेता है जिसकी वजह से वो लड़का दर्द से कराहते हुए बेहोश हो जाता है। 

कलियुग वापस अपने समान्य रूप में आकर चला जाता है। और अपना होदी पहनकर वंहा से निकल जाता है पुरे  ग्राउंड में बेहोश पड़े लड़के लड़किया होती है जो भी कलियुग से लड़ना आता है। 

बाकी लोग एक सहमे हुए डर से कलियुग को जाते हुए देखते रहते है। 

अगले दिन, 

सुबह का समय, चारो तरफ ठंडी ठंडी हवाएं चल रही है। स्कूल में सभी बच्चे केंटीन और ऑडिटोरियम में है क्योंकि आज सभी डांस करने वालो का ऑडिशन था। सभी टीचर अपने अपने स्टाफ रूम में बैठे हुए थे। कलियुग का सालाना पार्टी होने वाली थी इसलिए सभी तरफ जोरो शोरो से तैयारी चल रही थी। 

कलियुग सबसे पंखुड़ी के बारे में पूछ रहा था लेकिन वो कंही भी दिखाई नहीं दे रही थी तभी कलियुग की नजर एक कमरे में जाती है जंहा पर एक लड़की डांस कर रही होती है। कलियुग चुपचाप उस कमरे में जाता है। 

पंखुड़ी? 

कलियुग तुम यंहा?

तुम ये क्या कर रही हो?  कलियुग ने मुस्कराते हुए पूछा। 

कुछ नहीं बस डांस की तैयारी कर रही हूँ! पंखुड़ी ने हँसते हुए जबाब दिया 

तुम्हे उसकी कोई जरूरत नहीं है मै जानता हूँ की तुम बहुत ही अच्छी हो मै ये वादा करता हूँ की आप ही पक्का चुने जाओगे! कलियुग ने मुस्कराते हुए जबाब दिया। 

Magical stories in hindi

काश ही ऐसा हो! पंखुड़ी ने जबाब दिया। 

तभी एक आवाज आती है की सभी डांस ऑडिशन के लिए आ जाये। आवाज सुनकर पंखुड़ी एकदम से अपने जूते पहन लेती है। 

चलो मुझे जाना होगा कलियुग! पंखुड़ी ने इतना कहकर चली जाती है। 

कुछ देर बाद, 

कलियुग भी पंखुड़ी का नाच देखने के लिए ऑडिटोरियम में पहुँचता है अब अगली बारी पंखुड़ी की थी। पंखुड़ी मंच पर पहुँच कर कलियुग की तरफ देखती है। कलियुग बस एक मुस्कान के साथ पंखुड़ी को देखता है 

तभी पंखुड़ी नाचना चालू कर देती  है सभी उसे नाचते हुए देखते ही रह जाते है। जैसे ही पंखुड़ी नाचना बंद करती है। लेकिन ऑडिटोरियम में एक सन्नटा फैला हुआ था लेकिन तभी कलियुग खड़ा होकर तालियां बजाने लगता है और सभी कलियुग को देखकर खड़े होकर तालियां बजाने लगते है। 

पंखुड़ी को डांस के लिए चुन लिया जाता है रघु एक अजीब नजर से कलियुग को देखता है। रघु को कलियुग बिलकुल भी पसंद नहीं करता था। क्योंकि कलियुग का आतंक इतना था की कोई भी कलियुग के खिलाफ नहीं जा सकता था। 

कलियुग ऑडिटोरियम से बाहर आकर पंखुड़ी का इंतज़ार करने लगता है तभी पंखुड़ी आकर कलियुग के गले लग  जाती है। 

ओह कलियुग मै डांस समूह में सम्मलित कर ली गई हूँ और ये सब तुम्हारी वजह से ही पूरा हुआ है! इतना कहकर पंखुड़ी कलियुग को गले लगा लेती है। 

लेकिन कलियुग एकदम से चौंक जाता है और सोचने लगता है की इसको कैसे पता की ये मेरी वजह से हुआ है। 

मेरी वजह से? कलियुग एकदम से चौंक जाता है। 

हाँ तुमने मेरा हौसला बढ़ाया! पंखुड़ी ने जबाब दिया। 

ओह अच्छा इसलिए! कलियुग ने अजीब सा मुंह बनाते हुए एक नकली हंसी के साथ कहा। 

Magical stories in hindi

चलो ना बाहर से आइसक्रीम खा कर आते है! पंखुड़ी ने कलियुग का हाँथ खींचते हुए कहा। 

दोनों एक स्कूल के बाहर आइसक्रीम पार्लर में आइसक्रीम खाने जाते है। तभी पंखुड़ी एक लड़के से टकरा जाती है। 

ओये देख नहीं सकती सही से! उस लड़के ने अपनी शक्ति एक्टिवेट करते हुए कहा। 

ये वो ही लड़का था जिसने पहले पंखुड़ी को छेड़ा था तभी उस लड़के की नजर कलियुग पर जाती है उसके पैरो के नीचे से जमीन ही खिसक जाती है। 

ओह सॉरी! उस लड़के ने अपने आप को झुकाते हुए पंखुड़ी को कहा। 

ओह तुम वही लड़के हो ना हो जिसने मुझे उस दिन बदतमीजी करने की कोशिश की थी! पंखुड़ी ने गुस्से में कहा। 

बहन क्यों उस दिन की याद दिला रही हो। अब आगे से ऐसा नहीं होगा! इतना कहकर वो लड़का पार्लर से भाग जाता है। 

अजीब लड़का था! इतना कहकर पंखुड़ी आइसक्रीम मंगवा लेती है। 

दोनों आइसक्रीम खाते है। और फिर अपने अपने घर चले जाते है। 

अगले दिन, 

कलियुग पुरे स्कूल में पंखुड़ी को ढूंढ़ता है लेकिन वह कंही नहीं मिलती है। इसलिए वह एक लड़की से उसके बारे में पूछता है तो वो ऑडिटोरियम में अभ्यास करने गई होती है। 

कलियुग पुरे दिन इंतज़ार करता है लेकिन पंखुड़ी बस अपने नृत्य अभ्यास में व्यस्त ही रहती है। इसी तरह कई दिन बीत जाते है। कलियुग हर दिन बस इंतज़ार करता और पंखुड़ी क्लास और अभ्यास में ही व्यस्त रहती है। 

उसका ज्यादा समय अब रघु के साथ बीतने लगा था। कलियुग लेकिन कभी भी पंखुड़ी को इस बात के लिए जबरदस्ती नहीं करता था की वो ये सब छोड़ कर सिर्फ उसके साथ ही समय बिताये इसलिए वह केंटीन में या ऑडिटोरियम के बाहर इंतज़ार करता था। 

Magical stories in hindi

लेकिन इसी बीच रघु और पंखुड़ी की नजदीकियां बढ़ रही थी। दोनों एक दूसरे के साथ काफी समय ही नहीं बिताते थे बल्कि बाहर घूमने भी जाते थे। 

एक दिन जब कलियुग स्कूल के लिए तैयार हो रहा था तभी उसके पिता उसका हाँथ पकड़कर अपने पास बिठा लेते है। 

तुम आजकल परेशान लग रहे हो बेटा? 

नहीं तो डेड! कलियुग ने अपनी नजर चुराते हुए कहा। 

मै तेरा पिता हूँ बच्चे तेरी आंखे पढ़ लेता हूँ जरूर ये किसी लड़की का चक्कर है? कलियुग के पिता ने कलियुग की तरफ देखते हुए कहा। 

जी डेड दरअसल मै एक लड़की को पसंद करता हूँ लेकिन शायद वो मुझे पसंद नहीं करती है! कलियुग ने जबाब दिया। 

अगर किसी लड़की का दिल जितना है तो जो तुम हो उसे वैसा ही पेश करो अगर तुम गलत हो ठीक बनो बेटा! कलियुग के पिता ने कलियुग के सिऱ पर हाँथ रखते हुए कहा। 

धन्यवाद डेड! अब मै बेमतलब किसी भी लड़के को मारना या पीटना बंद कर देता हूँ और सच में एक अच्छा लड़का बनकर दिखाऊंगा! कलियुग ने मुस्कराते हुए जबाब दिया। 

ये हुई ना बात मेरे बच्चे! कलियुग के पिता ने हँसते हुए कहा। 

दूसरी तरफ, 

सभी लड़के रघु के साथ स्कूल के बाहर टपरी पर बैठे होते है। सभी एक दूसरे से जुडी बाते कर रहे होते है। 

ओये रघु तू पंखुड़ी से दूर रह जानता नहीं है की वो कलियुग की बंदी है! एक लड़के  हँसते हुए कहा। 

कलियुग की नहीं मेरी बोल अब! रघु ने चिढ़ते हुए कहा। 

लगता है तुझे कलियुग से मार खानी है! सभी लड़के ने एक साथ कहा। 

इस कलियुग का कुछ तो करना ही होगा क्योंकि ये सिर दर्द बन चूका है! रघु ने अपने हाँथ पैर पर मारते हुए कहा। 

Magical stories in hindi

लेकिन हराएगा कौन? सभी लड़को ने एक साथ कहा। 

वो खुद हारेगा! रघु ने जबाब दिया। 

लेकिन कैसे?

मै उसे कमजोर कर दूंगा। उसका दिल तोड़ कर और उसके ही खिलाफ करूँगा उसके प्यार को। 

मतलब? सभी ने एक साथ पूछा। 

कल मै कलियुग का असली चेहरा दिखाऊंगा पंखुड़ी को! इतना कहकर रघु एक शैतानी मुस्कराहट के साथ हँसता है। 

नोट – अगला अध्याय अब 10 तारीख को अपलोड होगा तब तक के लिए अपना प्यार बनाये रखे और इस दूसरे सीजन के अध्याय आपको केसा लगा वो भी जरूर बताये

9 Replies to “कलियुग – एक श्रापित राजकुमार पार्ट 12”

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *