कलियुग – एक श्रापित राजकुमार पार्ट 15

अध्याय – 15 नई शुरुआत

सुबह का समय, चारो तरफ खुली हवा चल रही है। पेड़ो पर पत्तियां टूटते हुए लहराती हुई जमीन पर गिर रही है। चारो तरफ स्कूल में बच्चों की भीड़ है। कुणाल और रूमी ग्राउंड में बैठे हुए है और आसपास में बाते करने में व्यस्त है। 

तभी स्कूल में जीवा और कलियुग प्रवेश करते है। जिन्हें देखकर सभी जल भून जाते है। दोनो एक साथ किसी राजा और रानी से कम नही लग रहे थे। 

कैसे हो दोस्तो? कुणाल ने हंसकर पूछा।

बहुत सही। मैने अपना घर बदल लिया है और अब मै कलियुग के साथ रह रही हूं! जीवा ने खुश होते हुए कहा।

तुमने सही किया। कीर्ति हर बात विनोय को बता देती है। 

धन्यवाद! जीवा ने जबाब दिया

क्लास अभी शुरू नही हुए है क्या? कलियुग ने बच्चों को देखते हुए पूछा।

नही अभी नही लेकिन थोड़ी देर में शुरू हो जाएगी! कुणाल इतना कहकर रूमी के साथ खड़ा हो जाता है।

तभी स्कूल में प्रिंसिपल की घोषणा होना शुरू हो जाती है। 

सभी बच्चे ध्यान पूर्वक सुने अब समय आ गया है स्कूल के नए राजा और रानी चुनने का जिसकी प्रतियोगिता अगले हफ्ते शुरू होने वाली है। साथ ही कई दूसरे मनोरंजक प्रतियोगिता भी होंगी। मुझे आशा है कि हर साल की तरह इस साल भी इस प्रतियोगिता को भी आप लोग सफल बनाएंगे। 

सभी बच्चे एकदम से खुश हो जाते है। कलियुग बस एक मुस्कान के साथ जीवा को देखता है। 

इस बार के राजा तो तुम होंगे कलियुग कोई भी तुम्हारे जितना शक्तिशाली नही हो सकता है! कुणाल और रूमी ने हंसते हुए कहा।

नही। मै इस प्रतियोगिता में भाग नही लूंगा! मुझे ऐसे ही रहना पसंद है! कलियुग इतना कहकर बैठ जाता है। 

लेकिन क्यों? कुणाल ने चोंकते हुए पूछा।

KALIYUG A CURSED PRINCE

क्योंकि राजा बनने के बाद मुझे स्कूल के कामो में व्यस्त होना पड़ेगा और मै अपना सारा समय जीवा के साथ और उसका ख्याल रखते हुए बिताना चाहता हूं! इतना कहकर कलियुग जीवा की तरफ देखता है। 

जीवा हल्के से कलियुग को गले लगा लेती है। सभी बातें करते हुए क्लास में जाने लगते है। तभी कलियुग रुक जाता है। 

क्या हुआ? कलियुग? जीवा ने चोंकते हुए पूछा। 

कुछ नही मुझे कुछ काम याद आ गया है इसलिए मुझे जाना होगा तुम लोग क्लास में जाओ मै अगली क्लास में मिलता हूँ! कलियुग इतना कहकर जाने लगता है। 

जीवा, कुणाल और रूमी को थोड़ा अजीब लगता है लेकिन सभी क्लास में चले जाते है। 

कलियुग को अचानक क्या हो गया? रूमी ने जीवा की तरफ देखते हुए पूछा। 

इतना सुनते ही जीवा खड़ी ही जाती है और क्लास से बाहर जाने लगती है। 

अब तुम कंहा जा रही हो? कुणाल ने एकदम से पूछा। 

कलियुग को ढूंढने! इतना कहकर जीवा चली जाती है। 

तुम कब मुझसे इतना प्यार करना शुरू करोगी? कुणाल ने रूमी की तरफ देखते हुए पूछा।

रूमी हंसते हुए कुणाल को गले लगा लेती हैं। 

दूसरी तरफ, 

कलियुग एक तरफ चला जा रहा है। तभी उसे एक लड़की मिलती है जो कि पॉलर भालू को अपने बैग में रख कर लाइब्रेरी में जा रही थी। उसके हाँथ में हल्की चोट लगी हुई थी। 

ये लड़की कौन है? कलियुग अपने आप से सवाल करता है। फिर एक लड़के को रोककर उस लड़की के बारे में पूछता है। 

कौन ये लड़की? अरे इसका नाम तो गौतमी है! लड़के ने जानकारी दी। 

इसकी शक्ति का लेवल क्या होगा? कलियुग अब भी उस लड़की को देखे जा रहा था। 

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10 में से 6 या 7 तो होगा ही क्योंकि पिछले साल ये रानी बनने के लिए सेमीफाइनल तक पहुंची थी। इतना कहकर वह लड़का चला जाता है। 

इस लड़की के पास वो ही पॉलर भालू है जो उस सेल्स वाले ने जीवा को दिया था इसका मतलब वो लोग अब भी इस स्कूल के बच्चों को शिकार बना रहे है। मुझे उस गिरोह को पकड़कर जीवा की शक्ति वापस लाने के लिए उसका कोई एंटीबायोटिक बनवाना होगा जो कि सिर्फ वो ही बना सकते है। लेकिन मै इस गिरोह को पकडूँगा कैसे? कलियुग ये ही सोचता हुआ लाइब्रेरी में घुस जाता है। 

गोमती एक बेंच पर बैठी एक किताब पढ़ रही थी। कलियुग भी एक किताब लेकर गोमती के पास बैठ जाता है। 

पहले मुझे ये पता करना होगा कि इस पॉलर भालू में क्या सच मे चिप लगी हुई है या नही क्योंकि अगर चिप लगी है तो आज कल में ही इस लड़की पर हमला हो सकता है और जान भी इसकी जा सकती है इसके बाद मुझे फिर से मॉल जाना होगा अगर वओ सेल्स वाला वंही है तो मुझे उसको पकड़ना होगा लेकिन काफी चालाकी के साथ! ये सब सोचते हुए ही कलियुग बस उस लड़की से हेलो बोलता है। 

हेलो! गोमती अजीब नजरो से कलियुग को देखती है। 

तुम मुझे स्कूल में नई नजर आ रही हो! कलियुग ने एक मुस्कान के साथ पूछा।

हाँ! मै एक हफ्ते की छुट्टी पर थी।

मतलब एक हफ्ते में जो भी हुआ इसको इस बारे में कुछ नही पता होगा! कलियुग ने मन ही मन सोचते हुए कहा।

जी मेरा नाम कलियुग है! कलियुग ने एक मुस्कान के साथ कहा।

KALIYUG A CURSED PRINCE

हां मै जानती हूं हर कोई तुम्हे स्कूल में पिटता ही रहता है। सिर्फ इस स्कूल में तुम ही हो जिसके पास कोई शक्ति नही है। वी तो मै लूज़र के साथ बैठती नही हूँ लेकिन तुम्हारी किस्मत अच्छी है कि मेरा आज मूड़ ठीक है! गोमती ने अपने बाल लहराते हुए कहा।

जिसे सुनकर सभी लोग घबराई हुई नजर से गोमती की तरफ देखते है लेकिन कलियुग से नजर बचाने के लिए सब नजरअंदाज करते है। 

हाँ वो आपने सही कहा दरअसल मै ज्यादातर बच कर रहना पसंद करता हूँ लेकिन जो तुम्हारे पास पॉलर भालू वो बिल्कुल मेरे बचपन वाले खिलौने की याद दिलाता है तो क्या तुम मुझे बता सकती हो कि वो तुम्हारे पास कंहा से आया? जिससे मै भी खरीद सकू? कलियुग ने मुस्करा कर जबाब दिया।

तो तुम्हारी नजर मेरे भालू पर है? देखो लूज़र भाड़ में जाओ और अगली बार मेरे आसपास भी तुम दिखे तो मै तुम्हारा दिल तुम्हारे सीने से निकालकर पेड़ पर लगा दूंगी! इतना कहकर गोमती चली जाती है। 

दूसरी तरफ, 

कलियुग को गोमती से बात करते जीवा देख रही होती है। वह दोनों में से किसी की भी आवाज नही सुन पा रही थी। लेकिन वह साफ देख रही थी कि दोनों मुस्करा मुस्करा कर बात कर रहे है। 

क्या कलियुग को मुझसे अब प्यार नही है? वरना वो ऐसे मुझसे अलग होकर इस लड़की के पास क्यो आता? जीवा की आंखों में आँसू आ जाते है। 

वो लड़की लाइब्रेरी से निकल जाती है और पीछे से कलियुग गोमती को देखे जा रहा था और दूसरी तरफ जीवा ये सब देख रही थी। 

तभी कलियुग भी लाइब्रेरी से बाहर आता है लेकिन जीवा छुप जाती है। कलियुग क्लास की तरफ चला जाता है। 

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यही होता है कोई भी शक्तिशाली इंसान किसी कमजोर से प्यार नही करता है हमेशा वो अपनी जैसी ही लड़की ढूंढता है! एकदम से पीछे से विनोय बोलता है। 

मैने तुम्हारी राय नही मांगी है विनोय! इतना कहकर जीवा चली जाती है लेकिन उसके मन मे विनोय की कही हुई बातें गूंज रही थी। 

क्लास में जीवा को ना पाकर एकदम से कलियुग बेचैन हो जाता है और उसे ढूंढने लगता है। तभी सामने से जीवा दिखाई देती है जो कि उदास दिखाई दे रही थी। कलियुग तुरन्त ही उसके पास जाता है। 

तुम ठीक तो हो किसीने कुछ कहा तुम्हे? कलियुग ने जीवा के हांथो को पकड़ते हुए कहा। 

कुछ नही वो सामने से विनोय जाते हुए देखा तो बस! जीवा ने उदास होते हुए कहा।

मै समझ सकता हूँ पहले वो तुम्हारा काफी अच्छा दोस्त था! कलियुग जीवा को गले लगा लेता है। 

तुम कंहा गए थे? जीवा ने कलियुग को देखते हुए पूछा। 

कुछ नही लाइब्रेरी में एक किताब लेने गया था! कलियुग ने नजर चुराते हुए जबाब दिया।

इसने मुझे सच क्यो नही बताया? क्या विनोय सच बोल रहा था? जीवा ने सोचते हुए अपने आप से पूछा।

अगर मैने इसे सच बता दिया तो वो गिरोह जीवा को मारने के पीछे लग जाएंगे! मुझे इससे छुपा कर रखना होगा जिससे उस गिरोह की नजर जीवा पर नही पड़े! कलियुग ने भी अपने मन मे सोचते हुए अपने आप से कहा। 

ओह अच्छा कोई नही वैसे स्कूल की छुट्टी हो चुकी है तो क्या तुम अभी घर चलोगे? जीवा ने एक मुस्कान के साथ पूछा। 

दरअसल क्या तुम आज कुणाल और रूमी के साथ घर जा सकती हो मुझे एक बेहद जरूरी काम है! कलियुग ने बहाना बनाते हुए कहा।

ठीक है! जीवा ने रोनी सूरत के साथ कहा।

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कलियुग इतना सुनकर चला जाता है और जीवा बस पीछे से देखते हुए एक ही बात कहती है। तुम ये क्यों कर रहे हो कलियुग। 

कुछ देर बाद, 

एक सुनसान गली से गोमती लगातार चले जा रही थी। उसके कानों में हेंड फ्री लगी हुई थी और वह गाने सुन रही थी। तभी उसे महसूस होता है कि वह चारो तरफ से नकाब पॉश लोगो से घिरी हुई। सभी तुरन्त ही बन्दूको से गोमती पर हमला करते है लेकिन तभी गोमती अपने आप को एक बर्फ में दबा लेती है जिससे वह उनकी गोलियों से बच जाती है। लेकिन सभी नकाबपोश उस बर्फ को तोड़ने लगते है। गोमती एकदम से घबरा जाती है। गोमती एकदम से बर्फ से निकलकर भागने लगती है और सभी उसके पीछे भागते है। तभी दूसरा नकाबपोश जिसने काले रंग के कपड़े पहन रखे थे। शरीर एकदम ढीला ढाला और आंखे आसमानी रंग की लम्बे बाल साथ ही एक चोगा पहने हुए है।

तुम कौन हो? उन सभी नकाबपोश वालो ने चोंकते हुए पूछा।

मै हूँ जीरो! जीरो ने हंसते हुए जबाब दिया। 

इस अध्याय से सीजन 3 की शुरुयात हो चुकी है और अब अगले हफ्ते आपको इसका अगला अध्याय पढ़ने को मिलेगा कमेंट करे और बताये की जीरो कौन है?  

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