खुद को जाने – Sarita om

अक्सर हम भागते रहते हैं
कभी रिश्तों के पीछे तो कभी पैसों के
पीछे,इन सब में बस एक बात
जिसे जाने कब से ignore मारे जा रहे होते हैं कि

हम आखिर सुकून भरी जिंदगी कब जिएंगे?
कब हम अपनों के करीब होंगे,या सुख से रह पाएंगे?

मन में होते तो है ये सारे प्रश्न पर इन्हें दिमाग नाम का जो अग्रज है न , आगे बढ़ाता रहता है चल तू निकल तू
कल सोचेंगे,और फिर वो कल कभी आने ही नही देता।

अब यहां विचारणीय तथ्य यह है कि अपने जरूरी है कि
काम, रुतबा और दौलत
तो शायद अधिकांश जवाब second option चुनेंगे
चुनना भी चाहिए।।
कुछ लोग दोनों ही
मेरा कहना यह नहीं है कि हम कोई एक चुने या दोनों
वरन इतना ही कि बस सब कुछ पाते पाते कहीं अंधी दौड़ में शामिल होकर आप खुद को ही न खो दें।

कि आप भी हो,, सिर्फ दूसरों को समझना ही नही खुद को जानना और समझना तथा खुद के साथ वक्त बिताना
और कुछ ऐसे अपने जो आपको खुश देख कर खुश हो जाते हैं;के साथ ,, भी अपना थोड़ा सा वक्त जरूर बिताएं।।

आज हर इंसान सिर्फ और सिर्फ खुद पे ही फिदा हुए जाते हैselfies is the best example of salflove.
मैं ये नहीं कहती कि यह ग़लत है मैं खुद भी करती हूं
और जो खुद करती हूं उसे ग़लत कैसे कहा जा सकता है 😉😆😆you know n lady habbits .
तो खोइए जी खुद में भी ,पर उस छिपे हीरे को तराशने को,,,,,,न कि खुद में खोकर अपनीदुनिया को इस मोबाइल तक ही सीमित कर लो।।

आप का अस्तित्व है,,,और आप से जो वाकई में प्रेम करते हैं उनका भी ,,,तो क्या ख्याल है

अरे सोचना कैसा ,,आज थोड़ी ही देर सही करके देखिए
नहीं तो ये है न📱

Sarita

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