जोकर एक शिकारी जासूस सीजन 2 पार्ट 3

अध्याय – 3 शेख का शिकार 


5 फरवरी 1998, 

रॉयल पार्क, लंदन 

शाम का समय, चारो तरफ लोगो की भीड़ और डूबता हुआ सूरज एक चमकदार रौशनी मानो आसमान में एक चांदनी नदी बन गई हो। एक संतरे रंग की  नदी जो बादलो को छुते हुए निकल जाती है। एक पार्क से होते हुए तारीख इस्लाम जा रहे होते है तभी उन्हें कोई उनके नाम से पुकारता है और वो अजीब नजरो से पीछे देखते है। 

ओह अलमुहराम तुम यंहा? तारीख ने चौंकते हुए कहा। 

जी दरअसल कुछ लोगो को घुमाने के लिए यंहा लाया था तभी आप दिख गए तो सोचा मिल लू! अलमुहराम ने जबाब दिया। 

अच्छा किया मै भी अकेले अकेले बोर महसूस कर रहा था! इतना कहकर तारीख एक बेंच पर बैठ जाते है। 

वैसे आप यंहा कैसे? अलमुहराम ने चौंकते हुए पूछा। 

कुछ नहीं शाम को घूमने का शौक है इसलिए चला आया बस! तारीख ने अपने हाव भाव छुपाते हुए कहा। 

तभी एक कुछ लोगो का समूह मुस्लिम के खिलाफ विद्रोह करते हुए निकलते है। जिससे देखकर अलमुहराम गुस्से से अपनी हाँथ को अपने पैर पर मारता है। 

क्या हुआ अलमुहराम? तारीख ने अलमुहराम का चेहरा पढ़ने की कोशिश करते हुए पूछा 

मुझे नफरत है इन काफिरो से ये हमे समझते क्या है! अलमुहराम ने हलके लेकिन गुस्से वाले स्वर में कहा। 

हम इसमें कर ही क्या सकते है बच्चे! तारीख ने अपनी आंखे बंद करते हुए कहा। 

अफगान में होने वाले अमेरिकी अत्याचार के विरुद्ध हमे कुछ तो करना ही चाहिए और भारत आर्मी दुवरा हमारे कश्मीरी भाइयो के लिए हम लोगो को आवाज तो उठानी ही चाहिए! अलमुहराम ने सोचते हुए जबाब दिया। 

सियासत वो नहीं होती है जो हम देखते है बल्कि वो है जो हमसे छुपाई जाती है! तारीख इतना कहकर खड़े हो जाते है। 

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मै कल अपने एक दोस्त से मिलने जा रहा हूँ तो क्या तुम मेरे साथ चलना पसंद करोगे? तारीख ने पूछा। 

जी जरूर! लेकिन वो है कौन? अलमुहराम ने पूछा। 

दुबई के शेख अलमुदल्लाह खान से मिलने! तारीख ने जबाब दिया। 

जी जरूर मै चलना चाहूंगा! अलमुहराम मुस्कराते हुए खड़ा हो जाता है। 

तो फिर मिलते है कल सुबह 10 बजे! इतना कहकर तारीख वंहा से चले जाते है। 

अगले दिन, 

सुबह का समय, चारो तरफ खाली सड़के है।  अलमुहराम और तारीख एक कार में जा रहे है। लंदन की सड़के बिलकुल सुनसान पड़ी हुई है। कार  अपनी गति के साथ जा रही है। अलमुहराम और तारीख एक बंगले के सामने पहुँचते है। 

पुरे बंगले के आसपास बंदूक लिए काफी लोग थे। जैसे ही अलुमहराम और तारीख मुख्य दरवाजे पर पहुँचते है तभी कुछ लोग उनके सही से चेक करते है लेकिन कोई हथियार ना पाकर अंदर जाने  लगते है। दोनों एक कमरे में जाते है तो वंहा पर सामने शेख अलमुदल्लाह खान एक कुर्सी पर बैठा होता है और सामने एक लड़की नाच रही होती है कमरे में उस लड़की के आलावा कोई नहीं था। 

अरे आओ तारीख इस्लाम! शेख एकदम से गले मिलने के लिए खड़ा हो जाता है और उस लड़की को जाने का इशारा करता है। 

कैसे को शेख? तारीख ने भी गले लगाते हुए पूछा। 

या हबीबी मै बिलकुल अच्छा हूँ और ये कौन है? शेख ने अलमुहराम को देखते हुए पूछा। 

ये मेरा होने वाला दामाद है! तारीख ने अलमुहराम के कंधे पर हाँथ रखते हुए कहा। 

अरे वाह क्या खुशखबरी दी है इसी बात पर जाम तो बनता है! इतना कहकर शेख बैठ जाता है। 

तारीख और अलमुहराम भी बैठ जाते है और शेख दोनों के लिए जाम बना देता है। 

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जैसे ही अलमुहराम उस जाम का एक घूंट लेता है तभी उसे ऐसा लगता है जैसे वो बेहोश होने वाला होता है और वह अपना गला पकड़ लेता है और एकदम से उसकी आंखे फट जाती है और वह उसी तरफ गिर जाता है। 

तारीख और शेख एकदम से खुश होते हुए खड़े हो जाते है। 

इस बेब्कुफ़ को क्या लगा की मुझे पता नहीं चलेगा की यही है वो मशहूर शिकारी जोकर! तारीख ने अलुमहराम की तरफ देखते हुए कहा। 

ये हाई टेबल को खत्म करने आया था साला हमारा पाला हुआ है कुत्ते का बच्चा है तू और हमे ही मरने चला था! इतना कहकर शेख हसने लगता है। 

शेख ने एक फ़ोन लगाया? 

हेलो पीटर! 

हेलो शेख! कैसे हो? 

मै अच्छा हूँ! 

काम हो गया?

हाँ वो मर गया सूयर का बच्चा! 

क्या उसकी लाश तुम्हारे सामने ही पड़ी है?

हाँ पीटर! 

तो फिर तो जश्न बनता है तुम मेरे केलिफोर्निआ वाले होटल में दो दिन बाद आ जाना हम पार्टी करेंगे। 

ठीक है! चलो अब फ़ोन रखता हूँ। 

शेख भी फ़ोन रख देता है और फिर अजीब नजरो से जोकर को देखते हुए तारीख को अपने पास बैठा लेता है। 

तभी एक अजीब सी आवाज आती है। इसलिए तारीख और शेख दोनों बाहर की तरफ झांकते है। तो देखते है की बाहर की तरफ सभी शेख के लोग मरे हुए गिरे पड़े हुए थे। 

ये किसने किया? तारीख ने चौंकते हुए पूछा। 

तभी एक भयानक हंसने की आवाज आती है। 

तारीख और शेख दोनों पीछे देखते है तो सामने कुर्सी पर अलमुहराम यानी की जोकर बैठा होता है और हँस रहा होता है। 

तुम जिन्दा कैसे हो? 

अलमुहराम अपने मुंह से उस जाम के घूंट को बाहर थूक देता है। 

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“मैने सुना तुम खिलाडी हो मिलकर मुझे अच्छा लगा छोटे क्योंकि मै इस खेल का कोच हु”

इतना कहकर जोकर हसने लगता है। और अपना जोकर वाला नकाब पहन लेता है। 

लेकिन जब तुम अंदर थे तो तुमने मेरे लोगो को कैसे मारा? शेख ने तिलमिलाते हुए कहा। 

मैने कब कहा की मैने मारा ये काम तो मेरे इन दोस्तों का है! जोकर पीछे देखने का इशारा करता है। 

जैसे ही शेख और तारीख  पीछे पलट कर देखते है तभी सामने विशाखा, कौशल, रोनित, जिया और विदूषक अपने हाँथ में बंदूक लिए खड़े होते है। 

पलक झपकते ही जोकर दोनों के गले पर एक एक चाकू रख देता है। 

तुम्हे पता चाकू मेरा पसंदीदा हथियार है क्योंकि ये किसी को भी आराम की मौत नहीं देता है। 

तुम हमे मारकर बच नहीं पाओगे क्योंकि हाई टेबल तुम्हे जहनुम से भी निकाल लेगी और तुम सबको मार देगी साथ ही मै आतंक वाद को मुखिया हूँ मेरे मरने पर आँतकवादी तुम्हे जरूर ढूंढ लेंगे और मौत के घाट उतार देंगे इसलिए मै कहता हूँ की पहले की तरह हाई टेबल के वफादार  बन जाओ! शेख ने गुस्से में कहा। 

इतना सुनते ही जोकर अपने चाकू से शेख का गला काट देता है और हँसते हुए कहता है तो फिर इस खेल में मजा आएगा। 

इसका क्या करे जोकर? विशाखा तारीख की तरफ देखकर पूछती है। 

तुम लोग इससे त्रिनेत्रा के पास ले जाओ और इससे उगलवाओ की इसने जानकारी किन किन देशो को दी है! जोकर इतना कहकर तारीख के उस हाँथ में चाकू घोंप देता है जिससे उसने वो जाम उसे दिया था। 

तुम कँहा जा रहे हो? विदूषक ने जोकर को जाते हुए देखते हुए पूछा

कैलिफ़ोर्निया अपने दूसरे शिकार के लिए! इतना कहकर जोकर चला जाता है

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8 फरवरी 1998

लंदन, विक्टोरिया हाउस, 

शाम का समय, चारो तरफ लोग विक्टोरिया हाउस की फोटो लेने में व्यस्त है। लंदन के खूबसूरत सूर्य डूबने को दुनिया दूर दूर से देखने आती है। हर तरफ लोगो की भीड़ है। सुधीर सक्सेना त्रिनेत्रा के डायरेक्टर काला चश्मा पहने हुए एक बेंच पर बैठे हुए है और त्रिनेत्रा की जासूसी टीम चारो तरफ फैली हुई है। 

जोकर को मारने आप खुद आये है ये तो हमने सोचा ही नहीं था चीफ! एक लड़की आवाज आती है। 

जैसे ही सुधीर अपने बगल में देखता है तो बगल में विशाखा एक काला चश्मा पहने हुए बैठी हुई थी। 

विशाखा तुम जिन्दा हो? सुधीर ने चौंकते हुए पूछा। 

हाँ हम सभी जिन्दा है चीफ! विशाखा ने जबाब दिया। 

लेकिन वो विस्फोट? 

वो सब जोकर की योजना का हिस्सा थी जिससे तारीख इस्लाम को लगे की वो  अकेला है। 

हमारे पास तारीख इस्लाम के पास काफी सबूत इकठ्ठा हो गए है और उसे आपको भारत ले जाने के लिए कल सुबह सौंप देंगे! विशाखा एक कागज बेंच पर रखकर चली जाती है 

अगले दिन, 

सुधीर सक्सेना अकेले लन्दन के पूर्वी छोर पर एक बन्द हुई फैक्ट्री में प्रवेश करते है। जंहा चारो तरफ अंधेरा ही था। सुबह का समय था। एक शांति का माहौल था। 

आइए चीफ! विदूषक ने सुधीर को देखते हुए कहा।

सुधीर विदूषक के पीछे पीछे चलने लगता है और एक खाली जगह पर पहुंचता है जंहा पर ड्रम रखे हुए थे। वंहा पर सभी लोग मौजूद थे। सुधीर की नजर सबपर जाती है।

डायरेक्टर सुधीर को देखकर सभी लोग सुधीर को गले लगा लेते है। 

मुझे भी तुम लोगो से मिलकर काफी खुशी हुई! सुधीर भी सबको गले लगा लेता है।

लेकिन जोकर कंहा पर है? सुधीर ने जोकर को ना पाकर एकदम से चोंकते हुए पूछा।

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विशाखा सुधीर को सब सच बता देती है और फिर एक कमरे में ले जाती है जंहा पर तारीख इस्लाम को एक कुर्सी पर बांधा हुआ था। 

तारीख इस्लाम ने हाई टेबल को परमाणु बम बनाने की विधि बता दी है इसलिए खतरा और बढ़ गया है क्योंकि हाई टेबल इसका प्रयोग सभी बड़े देशों पर करेगा जिसमे भारत भी शामिल है! कौशल ने जानकारी दी।

इसके देशद्रोह की सजा इसे जरूर मिलेगी! सुधीर ने गुस्से में तारीख को देखते हुए कहा।

जोकर इसी आक्रमण को रोकने के लिए निकल पड़ा है अपने अगले शिकार पर! रोनित ने मुस्कराते हुए कहा।

तुम लोग भी उसकी मदद करो और जो भी मदद चाहिए उसके लिए भारत सरकार तुम लोगो के साथ है! सुधीर सभी को देखते हुए कहता है।

धन्यवाद सर! जिया मुस्कराते हुए कहती है।

इतना सुनकर सब चले जाते है और सुधीर फ़ोन करके अपने टीम को उस फैक्ट्री में बुला लेता है।

दूसरी तरफ, 

10 फरवरी 1998 

न्यूयॉर्क सिटी 

दोपहर का समय, एक अपार्टमेंट में एक लड़की नशे में अपने बिस्तर से उठती है और जैसे ही सामने देखती है तो अपने सिर को पकड़ लेती है। 

जोकर तुम?

केसी हो जमीना बोरनेट? 

तुम फिर आये हो मतलब फिर जंग शुरू होगी? 

ये सुनकर जोकर बस मुस्करा जाता है 

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