“नई पीढ़ी हिंदी को गले लगाय, ऐसा करता करें उपाय” – RAJNI SHARMA

“नई पीढ़ी हिंदी को गले लगाय, ऐसा क्या करें उपाय” आजकल नई पीढ़ी के बच्चों के लिए अंग्रेजी भाषा में बोलना व लिखना उन्नति का सूचक माना जाने लगा है। आज हमें अपने बच्चों को अपनी मातृभाषा हिंदी के सम्मान के लिए प्रेरित करना अत्यंत अनिवार्य है। हिंदी के प्रचार- प्रसार के लिए हमें अपने बच्चों को हिंदी विषय को आवश्यक विषय के रूप अवश्य चुनाव करवाना चाहिए। अपनी मातृभाषा हिंदी में अपने दैनिक कार्य करें तथा अपने बच्चों को भी प्रेरित करें। प्रार्थना पत्र, प्रपत्र ,प्रमाण पत्र आदि हिंदी में लिखने का अभ्यास करने के लिए हर सम्भव प्रयास करना जरूरी है। जानकारी के अत्यंत शिक्षित व्यक्तियों को हिंदी में बोलने व लिखने के लिए प्रेरित करें, ताकि नई पीढ़ी के बच्चे भी उनसे प्रेरणा लेकर हिंदी में बोलने व लिखने के लिए सदैव अग्रसर रहें। अपने घर में हिंदी का समाचार पत्र अवश्य मंँगवाएं। हिंदी में कहानियां, कविताएं, भाषण व लेख लिखने के लिए प्रेरित करें। हिन्दी साहित्य से अपने बच्चों को अवश्य अवगत कराएं । हिंदी की प्रमुख विशेषता है कि -यह एक ऐसी भाषा जो अपने अंदर अन्य भाषाओं के शब्दों को समाहित कर लेती है। यह एक ऐसी संपन्न अौर सशक्त भाषा जो जैसे बोली जाती है वैसे ही लिखी जाती है। अतः अपने बच्चों को हिंदी के बखान के बारे में बताएं। सर्वप्रथम अपनी मातृभाषा को प्रथम भाषा के रूप में अपनाना हम सभी के अनिवार्य है। मेरा परिचय ,मेरी भाषा, हिंदी भाषा। रजनी शर्मा (अध्यापिका)

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