फेमिनो की दुनिया पार्ट 2 – नितेश सिंह चौहान

अध्याय – 2 मुलाकात 


नितेश को कुछ समझ ही नहीं आ रहा था की आखिर वो क्या करे। सामने एक विशाल कॉलेज था जंहा चारो तरफ सिर्फ लड़किया ही लड़किया थी। सभी लड़किया नितेश को अजीब नजरो से देख रही थी। नितेश भी  अजीब नजरो से घूरता हुआ चला जा रहा था तभी उसे महसूस हुआ की कुछ लड़किया उसके पीछे पीछे चली जा रही है। 

तुम लोग ठीक तो हो? नितेश ने पीछे मुड़कर अजीब नजरो से देखा। 

सभी लड़किया मुंह बनाते हुए दूसरी तरफ देखने लगती है। तभी एक घोषणा होती है। 

सभी स्टूडेंट्स ध्यान से सुने। एक नए विधार्थी का एडमिशन हुआ है जो की एक लड़का है और वो तब तक इस कॉलेज में पढेगा जब तक उसे वापस उसकी दुनिया में भेजने का प्रबंध नहीं हो जाता है। 

इतना सुनते ही सभी लड़किया बहुत खुश हो जाती है और नितेश को चारो तरफ से घेर लेती है। 

तुम्हारी उम्र कितनी है? एक लड़की ने पूछा। 

20 वर्ष! नितेश ने चौंकते हुए जबाब दिया। 

क्या तुम्हारी कोई गर्लफ्रेंड है? 

नहीं! 

क्या तुम्हारी दुनिया में सिर्फ लड़के ही है? 

नहीं लड़किया भी है। 

फिर तुम लोग बच्चे कैसे पैदा करते हो?

ये केसा सवाल है? नितेश ने चौंकते हुए पूछा। 

सभी लड़किया नितेश को घेरे हुए लगातार सवाल पर सवाल पूछे जा रही थी। 

तुम्हारे यंहा लड़के भी गर्भ धारण करते है? 

नहीं। सिर्फ लड़किया ही करती है। 

तो क्या वो भी कोई फल खाती है गर्भधारण करने के लिए? 

नहीं। 

तो फिर कैसे गर्भ धारण होता है? 

वो मै आपको नहीं बता सकता! नितेश ने अपकापते हुए जबाब दिया। 

लेकिन क्यों? 

तभी एक लड़की की आवाज आती है। 

क्यों परेशान कर रही हो उस लड़के को तुम सब? 

फेमिनो की दुनिया

सभी लोग उसी आवाज की दिशा में देखने लगते है और नितेश भी एक तीखी निगाह से उस तरफ देखता है तो एक लड़की जिसकी आंखे बिलकुल बिल्ली जैसी थी और रंग गोरा लम्बे बाल और बालो पर बिल्ली वाला रिबन पहने हुए आती है। 

सभी लड़किया उसे देखकर चुप हो जाती है। 

मेरा नाम दुआ है और मै इस स्कूल की प्रेसिडेंट हूँ! दुआ ने नितेश से हाँथ मिलाते हुए कहा। 

जी मेरा नाम नितेश है! नितेश ने सभी को देखते हुए कहा। 

तभी क्लास की घंटी बज जाती है। 

चलो लड़कियों अपनी अपनी क्लास में जाओ! दुआ ने सभी की तरफ देखते हुए कहा। 

सभी लड़किया वंहा से चली जाती है और दुआ भी वंहा से चली जाती है और नितेश बताई हुई क्लास में जाकर बैठ जाता है जंहा पर पीछे की तरफ दुआ भी बैठी हुई थी और उसके बगल में एक कुर्सी खाली थी इसलिए नितेश भी वंही जाकर बैठ जाता है। क्लास में तभी अध्यापिका आ जाती है। 

चलो आज बच्चो हम पड़ेंगे बायोलॉजी! अध्यापिका इतना कहकर पढ़ाने लग जाती है। 

नितेश ना सिर्फ दिखने में अच्छा था बल्कि पढाई में भी अच्छा था सभी लड़किया उसकी तरफ आकर्षित हो रही थी लेकिन नितेश की छुपी हुई निगाह सिर्फ दुआ पर जाती जिसे कोई फर्क नहीं पड़ता था। की वो इस दुनिया का इकलौता लड़का था। 

क्लास खत्म हो जाती है और सभी अपने अपने घर जाने लगते है स्कूल से बाहर आकर नितेश जैसे ही अपनी साईकिल की तरफ जाता है तभी एक लड़की अपनी कार से उसकी साईकिल को ठोक देता है। 

ओये तुम्हे दिखाई नहीं देता है क्या? नितेश ने गुस्से में कहा। 

फेमिनो की दुनिया

तभी कार में से एक लड़की निकलती है जिसने काले कपडे और काला चश्मा पहना हुआ था। नितेश की तरफ वो अजीब नजरो से देखती है और फिर पर्स से कुछ पैसे निकालकर नितेश के हाँथ में दे देती है 

नई ले लेना! इतना कहकर वो चली जाती है। 

क्या नई ले लेना ये अपने आप को समझती क्या है? नितेश ने गुस्से में कहा। 

जाने दो नितेश वो ऐसी ही है यंहा से सबसे बढे व्यापारी की बेटी है तो पैसे का घमंड है इसको बहुत!  एक लड़की ने कहा। 

नितेश उस लड़की की तरफ देखता है तो वो वही लड़की थी जो लड़के जैसी दिख रही थी। 

ओह आप उस समय के लिए सॉरी! नितेश ने उस लड़की की तरफ देखते हुए कहा। 

अरे कोई बात नहीं। वैसे मेरा नाम कमलीन है! उस लड़की ने नितेश से हाँथ मिलाते हुए कहा। 

धन्यवाद कमलीन! नितेश ने भी हाँथ मिलाते हुए कहा। 

वैसे तुम बहुत क्यूट हो! कमलीन ने नितेश की तरफ देखते हुए कहा। 

और तुम भी! नितेश ने भी कमलीन की तारीफ करते हुए कहा। 

चलो फिर कल मिलते है! कमलीन इतना कहकर चली जाती है। 

नितेश अपनी टूटी हुई साईकिल को देखता है। 

ये क्या हो गया तुम्हे कम्मो! नितेश ने अपनी साईकिल को अपनी बांहो में समेटते हुए कहा। 

लगता है तुम काफी पसंद करते थे अपनी साईकिल को! एक लड़की ने हँसते हुए कहा। 

नितेश तुरंत ही खड़ा हो जाता है तो सामने दुआ थी। 

दुआ को देखते ही नितेश एकदम से सरमा जाता है। और दुआ के इस मासूम चेहरे और बिल्ली जैसी आँखों में ही खो जाता है। 

वैसे इसका नाम कम्मो है? दुआ ने हँसते हुए पूछा। 

हाँ! नितेश ने सिर हिलाते हुए कहा। 

फेमिनो की दुनिया

वैसे मेरी मम्मी साईकिल रिपेयर करने की दूकान है तो वो ये तुम्हारी कम्मो को ठीक कर सकते है! दुआ ने जानकारी दी। 

धन्यवाद! इतना कहकर नितेश जाने लगता है। 

रुको! दुआ आवाज लगाती है। 

मेरे पास साईकिल है तुम मेरे साथ चल सकते हो मै तुम्हे घर तक छोड़ दूंगी!  दुआ ने मुस्कराते हुए कहा। 

हाँ क्यों नहीं! नितेश इतना कहकर उसकी साईकिल के पीछे वाली सीट पर बैठ जाता है। 

जिसे देखकर दुआ हँस जाती है। 

क्या तुम्हे नहीं लगता की तुम्हे साईकिल चलानी चाहिए? 

ओह जरूर! इतना कहकर नितेश साईकिल चलाता हुआ अपने घर पहुँचता है

दुआ अपनी साईकिल चलाते हुए अपने घर चली जाती है

नितेश भी घर के अंदर आ जाता है और नहाने चला जाता है जैसे ही वह अपने बाथरूम से बाहर आता है तभी बाहर से घंटी बजती है

नितेश दरवाजा खोलता है तो सामने कुछ डॉक्टर वाले कपडे पहने हुए महिलाये खड़ी होती है

हेलो नितेश! उसमे से एक डॉक्टर कहती है

जी आप? नितेश ने अजीब नजरो से देखते हुए कहा

जी दरअसल हम लोग आपके बायोलॉजिकल एक्सामिन करने के लिए आये है! डॉक्टर ने जानकारी दी

जिसे सुनकर नितेश चौंक जाता है 

फेमिनो की दुनिया

4 Replies to “फेमिनो की दुनिया पार्ट 2 – नितेश सिंह चौहान”

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *