शायरियां – Anuj Kumar

1- हाँथ की लकीरों ने ना डूडना हमें
दिल जी हर धड़कन में बस जाएगें
तमन्ना हो अगर मिलने की
तो हम ख्वाबों में भी चले आएगे ..

1-आज मैने खुद को खुद से समझाना छोड दिया
दिखा रास्ता जिस ओर रुख जिंदगी का मोड़ दिया
खामखां लोग कहते है उसे हजारों तमन्नायें थी
मैने तो औरों के लिए खुद से नाता तोड़ दिया .

3- कोशिश यें थी कि उसे पा लूँ
सांसों में उसे समां लूँ
चाहकर भी वो मुझसे दूर ना हो
खुद में मैं उसे छूपा लूँ .

4- समेट लूँ उसे खुद में मैं खोने ना दूँ
हँसाऊ ताउम्र उसे मैं रोने ना दूँ

Anuj Kumar

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