हिंदी दिवस – Anil prajapati

हमारी प्रिय भाषा हिंदी है
भारत के माथे कि बिंदी है

महान कवियो कि ये वानी है
उनकि पहचान हिंदी निसानी है

पियूष समान ज्यों जाम है ये
मीरा का श्याम हि नाम है ये

तुलशी कलम मे ऐ समानी है
कबीर के दोहा बखानी है

हिंदी हमरे रग रग समाई है
हिंदी ही बस हमारी माई है

इसमें समाईं भाषा संपूर्ण
बिना इसके हम नही है पूर्ण

बस यही हमारी पहचान है
हिंदी से हम हमारा सम्मान है

*स्वरचित*
*अनिल विधार्थी जख्मी*

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