हिंदी भाषा, मनोभावों की भाषा – RAJNI SHARMA

“हिंदी भाषा मनोभावों की भाषा”
हिंदी हम सबका सम्मान है,
हिन्दुस्तानी का अभिमान है।
हिंदी दिवस मनाएंगे हम,
विशेषताओं के ज्ञान से, दीप प्रज्जवलित कर, नव-प्रवर्तन लाएंगे हम,
हिंदी दिवस मनाएंगे हम।

अहा, अरे, वाह ! जैसे, चमत्कारी शब्दों की खान है,
मनोभावों को उकेरेने की, अनोखी- अद्भुत पहचान है, साहित्यकारों को जानकर, मनोभावों की भाषा को, सशक्त-समृद्ध बनाएंगे हम,
हिंदी दिवस मनाएंगे हम।

लचीली, जनसंपर्क ,स्नेहमयी, सम्मानित भाषा को अपनाकर,
सहज- सरल बोलने- लिखने की, समानता को जान जाएंगे हम,
हिंदी दिवस मनाएंगे हम।

गौरवमई भविष्य की ओर,
भाषा-शैली विकसित कर,
क्रमानुसार क्रियान्वित कर, कौशल गुणवत्ता अपनाकर,
सम्पन्नता की ओर जाएंगे हम।
हिंदी दिवस मनाएंगे हम।

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