जीवन

नासमझ लोग – Namrata Pandey

हर चीज की कीमत आंकने वाले, ज़ज्बात की कीमत क्या समझेंगे आडंबर को चाहने वाले , सादगी की मूरत  क्या…

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मेरे पापा – Namrata Pandey

कड़ी धूप में शीतल छांव जैसे है मेरे पापा, बाहर सख्त,भीतर से साफ्ट, लगते हैं मेरे पापा। मन की बात…

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